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भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने भारतीय टीम में अनुशासन और एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए 10 पॉलिसी जारी की जिसमें घरेलू क्रिकेट में खेलना अनिवार्य, दौरे पर परिवार और निजी स्टाफ की मौजूदगी पर रोक लगाई गई है.
BCCI ने अपनाई सख्ती.
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार (16 जनवरी) को नेशनल क्रिकेट टीम में ‘अनुशासन और एकजुटता’ को बढ़ावा देने के लिए नई पॉलिसी जारी की है. जिसमें घरेलू क्रिकेट में खेलना अनिवार्य, दौरे पर परिवार और पर्सनल स्टाफ की मौजूदगी पर पाबंदी और सीरीज के दौरान पर्सनल विज्ञापन पर प्रतिबंध जैसी कई चीजें शामिल हैं.
इस नीति का पालन नहीं करने पर खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया जाएगा जिसमें सैंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से उनकी फीस में कटौती और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भाग लेने पर रोक शामिल है. ऑस्ट्रेलिया के दौरे में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद इन निर्देशों की घोषणा की गई है. इससे पहले भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ भी क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था.
बोर्ड ने विदेशी दौरों के दौरान खिलाड़ियों के साथ परिवारों के रहने के लिए केवल दो सप्ताह की अवधि को मंजूरी दी है. इसके अलावा पर्सनल स्टाफ और बिजनेस से जुड़े फोटो शूट पर प्रतिबंध लगाए हैं. बोर्ड की नीति में कहा गया है, जो भी खिलाड़ी इसका पालन नहीं करेगा. उसपर बीसीसीआई द्वारा उचित समझी जाने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.’’
नीति में आगे कहा गया, ‘‘इसके अलावा बीसीसीआई किसी खिलाड़ी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है जिसमें संबंधित खिलाड़ी को आईपीएल सहित बीसीसीआई द्वारा आयोजित सभी टूर्नामेंटों में भाग लेने से रोकना और बीसीसीआई के खिलाड़ी अनुबंध के अंतर्गत रिटेनर राशि या मैच फीस से कटौती करना शामिल हो सकता है.” इस दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि अब से खिलाड़ियों को दौरे के दौरान अलग से यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी और दौरे या मैच के जल्दी समाप्त होने की स्थिति में किसी को जल्दी नहीं जाने दिया जाएगा.
New Delhi,New Delhi,Delhi
January 16, 2025, 23:49 IST
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