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Chhatarpur Gaushala: छतरपुर जिले की दिव्यानी छत्रसाल गोशाला जहां गायों को ठंड से बचाने के लिए रूम हीटर लगाए गए हैं. बता दें, ठंड के मौसम में हर साल अनेकों गायों की मौत हो जाती है. जिसके चलते अब गोशाला में भी रूम हीटर लगाए…और पढ़ें
बछिया कैंपस में लगे रूम हीटर
Room Heater For Cows: छतरपुर जिले में शीतलहर और गिरते तापमान ने सभी को परेशान कर रखा है. इस कड़कड़ाती ठंड में न केवल इंसान बल्कि जानवर भी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. खासतौर पर गायों और बछड़ों के लिए ठंड का यह मौसम जानलेवा साबित हो सकता है. लेकिन छत्रसाल नगर की दिव्यानी छत्रसाल गोशाला इस चुनौती का एक अनोखा समाधान लेकर आई है. यहां गायों को ठंड से बचाने के लिए रूम हीटर लगाए गए हैं. यह पहल जनसहयोग और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों से संभव हो पाई है.
अलग-अलग कैंपस में गायों का रखरखाव
दिव्यानी छत्रसाल गोशाला में सड़कों पर आवारा घूमने वाली गायों और बछड़ों को एक सुरक्षित स्थान दिया गया है. इस गोशाला में गायों और बछड़ों के लिए अलग-अलग कैंपस बनाए गए हैं:
सिंगल बछियों के लिए कैंपस: यहां सिर्फ छोटी बछियों को रखा गया है.
मां-बच्चे का कैंपस: ऐसे कैंपस बनाए गए हैं, जहां गाय और उनके छोटे बछड़े एक साथ रह सकें.
अपंग गायों और नंदी के लिए कैंपस: इन कैंपस में विशेष देखभाल की जाती है.
रूम हीटर से ठंड का समाधान
गोशाला के कर्मचारियों के अनुसार, ठंड के कारण गायों और बछड़ों को ज्यादा दिक्कत होती है. खासतौर पर रात के समय तापमान तेजी से गिरता है, जिससे उनके बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है.
रूम हीटर का उपयोग:
गोशाला में जनसहयोग से रूम हीटर लगाए गए हैं. इनसे कैंपस को गर्म रखा जाता है, ताकि ठंड से जानवरों को राहत मिले.
जनसहयोग की भूमिका:
गोशाला का संचालन मुख्यतः स्थानीय लोगों और प्रशासन के सहयोग से होता है. रूम हीटर और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी इसी तरह की गई है.
गोशाला की स्थापना और संचालन
इस गोशाला को पिछले 3 सालों से नगरपालिका और जनसहयोग से संचालित किया जा रहा है.
स्थापना:
दिव्यानी छत्रसाल गोशाला की शुरुआत सरकारी शिक्षक शुभा खरे द्वारा की गई थी.
समिति का गठन:
गोशाला के बेहतर प्रबंधन और संचालन के लिए अब एक समिति बनाई गई है, जो गोशाला की दैनिक गतिविधियों और जरूरतों का ध्यान रखती है.
गायों की देखभाल के अन्य उपाय
गोशाला में रूम हीटर के अलावा, ठंड से बचाने के लिए अन्य उपाय भी किए जाते हैं:
भोजन और चारा:
ठंड के मौसम में गायों को गर्माहट देने वाले पोषणयुक्त चारे की व्यवस्था की जाती है.
कम्बल और बोरी:
गायों और बछड़ों को ठंड से बचाने के लिए कंबल और बोरियां भी मुहैया कराई जाती हैं.
शुद्ध पानी:
ठंड में शुद्ध और हल्का गर्म पानी पीने की व्यवस्था की जाती है.
जनसहयोग का महत्व
गोशाला को सफलतापूर्वक संचालित करने में स्थानीय लोगों की भूमिका सराहनीय है. लोग न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं, बल्कि खुद आकर गोशाला में सेवा भी करते हैं.
Chhatarpur,Madhya Pradesh
January 17, 2025, 16:23 IST
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