[ad_1]
Last Updated:
प्रयागराज, कानपुर, रुड़की, दिल्ली, फतेहपुर, आदि जैसे कई शहरों में सिविल लाइन्स मौजूद है. ये अंग्रेजों द्वारा बसाया गया एक मोहल्ला है. इंस्टाग्राम पर कंटेंट क्रिएटर वरुण गर्ग ने हाल ही में इससे जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया और सिविल लाइन्स होने का कारण बताया.
दिल्ली में भी सिविल लाइन्स इलाका है, जहां मेट्रो स्टेशन भी मौजूद है. (फोटो: Wikipedia)
आजकल महाकुंभ की वजह से उत्तर प्रदेश का प्रयागराज शहर काफी सुर्खियों में है. इस शहर में एक इलाका है, जिसका नाम है सिविल लाइन्स. पर हैरानी की बात ये है कि सिर्फ प्रयागराज ही नहीं, भारत के कई छोटे-बड़े शहरों में ये इलाका है. कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों है? ये इलाका क्यों इतना खास है कि कई शहरों (Why Cities Have Civil Lines) में मौजूद है. आपने इसका नाम तो सुना होगा, शायद इस इलाके में गए भी होंगे, पर आपको हमारे सवाल का जवाब नहीं पता होगा. चलिए हम आपको बताते हैं.
प्रयागराज का सिविल लाइन्स इलाके में अंग्रेज की बनाई कई इमारतें मौजूद हैं. (फोटो: Instagram/prayagraj_social)
प्रयागराज, कानपुर, रुड़की, दिल्ली, फतेहपुर, आदि जैसे कई शहरों में सिविल लाइन्स मौजूद है. ये अंग्रेजों द्वारा बसाया गया एक मोहल्ला है. इंस्टाग्राम पर कंटेंट क्रिएटर वरुण गर्ग ने हाल ही में इससे जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया और सिविल लाइन्स होने का कारण बताया. सिविल लाइन्स का इतिहास सन 1800 के समय का है, जब अंग्रेजों ने भारत पर राज करना शुरू किया था. अंग्रेज हमेशा भारतीयों के बीच फर्क किया करते थे. उन्हें अंग्रेजों के साथ बैठने, खाने यहां तक कि उनके इलाकों में जाने तक की अनुमति नहीं थी.
[ad_2]
Source link