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Gwalior Handicapped Artist : ग्वालियर के सुनील कुमार ने अपनी दिव्यांगता को मात देते हुए पैरों से लिखाई और पेंटिंग कर दिखाया. हाथ न होने के बावजूद उनके साहस और जुनून ने उन्हें शहरभर में प्रेरणा का स्रोत बना दिया है. सुनील की पेंटिंग की…और पढ़ें
ग्वालियर के सुनील शरीर से है दिव्यांग फिर भी बनाते हैं पेंटिंग
ग्वालियर. यदि आप किसी कार्य को करने का संकल्प ले लेते हैं. तो अवश्य ही उसे प्राप्त कर लेते हैं. ऐसी ही कहानी ग्वालियर के सुनील कुमार की है .सुनील कुमार के दोनों हाथ काम नहीं करते. उनका शरीर काफी हद तक काम करने में पूर्ण रूप से असमर्थ है. बोलने में भी उन्हें बड़ी समस्या आती है. लेकिन सुनील कुमार अपने हौसले के लिए पूरे शहर में प्रख्यात हैं.
पैरों के दम पर पूरी करी पढ़ाई
सुनील कुमार के दोनों हाथ काम नहीं करते. उसके बावजूग भी उन्होंने पैरों से लिखकर पढ़ाई पूरी की. उन्होंने अपना पूरा जीवन अपने पैरों को अपने हाथों की तरह उपयोग किया. सुनील कुमार को बचपन से ही पेंटिंग करने का शौक है. वह अपने घर में बैठकर पेंटिंग किया करते हैं. सुनील कुमार शहर में होने वाले सामूहिक पेंटिंग कार्यक्रमों में भाग लेते हैं. दोनों हाथ न होने के बावजूद वह पैरों से कैनवास पर रंग बिखरते हैं. अच्छी से अच्छी पेंटिंग करने का प्रयास करते हैं.
पूरे शहर के लिए प्रेरणा हैं सुनील
सुनील कुमार अपने आप में साहस और संकल्प की मिशाल हैं. सुनील कुमार सभी पेंटिंग कार्यक्रमों में जाकर पेंटिंग बनाते हैं. उनकी पेंटिंग की तारीफ ग्वालियर के कलेक्टर, ग्वालियर की कमिश्नर एवं अन्य वरिष्ठ लोग कर चुके हैं. सुनील कुमार उन लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं, जो दिव्यांग हैं. सुनील कुमार को बोलने में भी तकलीफ रहती है, लेकिन इसके बावजूद भी लोकल 18 से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें पैरों से पेंटिंग बनाने में कोई दिक्कत नहीं आती और वह अपने जुनून को हमेशा कायम रखेंगे.
Gwalior,Madhya Pradesh
January 16, 2025, 15:56 IST
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