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Ajab Gajab:न सुनी होगी, कभी न देखी ऐसी अनोखी शादी! देखने के लिए उमड़ी भीड़, पूरे बिहार में मचा हड़कंप

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Agency:Local18

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परंपराओं और मान्यताओं के देश भारत में ऐसे कई रीति रिवाजों और रस्मों की आज भी अदायगी की जाती है. जिसके बारे में शायद इस पीढ़ी के लोग जानकर हैरान हो जाए. क्या आपने कभी देखा कुआं और बरगद के पेड़ का विवाह देखा है…और पढ़ें

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शादी

शादी की तस्वीरें 

खगड़िया: परंपराओं और मान्यताओं का देश भारत में कई ऐसे रीति रिवाज और रस्म निभाए जाते हैं . जिसके बारे में सुनकर या फिर देखकर आप हैरान हो जाएंगे .एक ऐसी ही कहानी बिहार की खगड़िया से सामने आई हैं. 100 साल पुरानी अजब विवाह की गजब कहानी आपको हंसने के लिए मजबूर कर देगी. दरअसल ,पूरी कहानी यह है कि यहां कुएं और बरगद के पेड़ का अनोखा विवाह गांववालों करवाते हैं. हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक यह विवाह खगड़िया जिले के सदर प्रखंड के लाभगांव पंचायत के वार्ड नंबर चार में करवाई गई. ग्रामीणों के मुताबिक पूरे रीति-रिवाज के साथ लोगों ने कुएं तथा बरगद का विवाह कराया. आपको बता दें कि इस विवाह में कुआं दुल्हन और बरगद के पेड़ को दुल्हा बनाया जाता है .

100 साल बाद हुआ विवाह
लाभगांव पंचायत और आसपास के बुजुर्गों ने बताया कि पूर्वजों द्वारा करीब 100 साल पूर्व बनाए गए कुएं का पहले जीर्णोद्धार कराया .लेकिन विवाह नहीं कराया था .जिसके कारण कोई भी शुभ कार्य नहीं हो रहा था .फिर पंडित से शुभ-विवाह का मुहूर्त दिखाकर बीती रात विवाह करा दिया. इस आयोजन में गांव के लोग ही बाराती और घराती की भूमिका में रहे . वहीं लोकल 18 से बात करते हुए आचार्य नवल झा ने बताया कि हिंदू धर्म के अनुसार हर रस्म का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है . शुभ कार्यों में कुआं पूजन को जरूरी माना जाता है .

कई दिनों से चल रही थी शादी की तैयारी
वहीं गांव में शादी की तैयारी पूरे जोर-शोर से चल रही है. धूमधाम से तैयारियां चल रही हैं. बेटी की शादी की तरह गांव के लोगों बीते कई दिनों से कुएं एवं बरगद की शादी की तैयारी में जुटे थे .बरगद के टहनी की लकड़ी का दुल्हा बनाया गया था .लकड़ी के दूल्हे के लिए कपड़े खरीदे गए .वहीं वधु यानी कुआं को फूलों से सजाया गया . शादी के तीन दिन पहले विवाह सामग्री जमा किया गया .वधु का मटकोर, घृतधारी फिर बीते रात सिंदूर दान की रस्म अदा की गई .आपको बता दें कि गुरुवार को वर-वधु (बरगद व कुआ) का चौथा- चौठारी का रस्म हुआ. बैंड बाजे के साथ पहुंचे बारात लाभगांव के लोग बराती एवं घराती बने .ग्रामीणों द्वारा दुल्हा की बारात बैंड-बाजे के साथ निकाली गई .इस दौरान समाज के सभी वर्ग के लोग झूमे उठे. वधु पक्ष के लोग बारात का स्वागत किए . समधी मिलन भी हुआ. इस शादी कार्यक्रम में गांव की महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया .

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Ajab Gajab:न सुनी होगी, कभी न देखी ऐसी अनोखी शादी, देखने के लिए उमड़ी भीड़

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