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Bull Fight: डीग में बीच सड़क पर भिड़े दो सांड़, बाजार में मची अफरा-तफरी, नगरपालिका के लापरवाही से लोग परेशान

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Bull Fight: डीग के नगर कस्बे में आवारा पशुओं का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. हाल ही में बीच बाजार में दो सांडों के बीच हुई लड़ाई ने पूरे बाजार में अफरा तफरी मचा दी है. बेसहारा पशुओं का आतंक लंबे समय से बढ़ता…और पढ़ें

 भरतपुर. डीग के नगर कस्बे में आवारा पशुओं का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. हाल ही में बीच बाजार में दो सांडों के बीच हुई लड़ाई ने पूरे बाजार में अफरा तफरी मचा दी है. घटना के दौरान बाजार में खरीदारी करने आए लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए. सांडों की लड़ाई इतनी भयंकर थी कि इसके चपेट में आने से मोटरसाइकिल गिर गई. जिस पर सवार एक महिला सड़क पर गिर गई तो वहीं मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को सुरक्षित साइड में पहुंचाया. स्थानीय निवासियों ने बताया कि इन सांडों की लड़ाई ने पूरे बाजार को अस्त-व्यस्त कर दिया है.

लापरवाह है नगरपालिका और प्रशासन
इस घटना में बिजली विभाग के ग्रामीण जेईएन की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई. स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने इस घटना को लेकर नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि बेसहारा पशुओं का आतंक लंबे समय से बढ़ता जा रहा है. लेकिन प्रशासन इसे लेकर उदासीन रवैया अपना रहा है. बाजार में मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाला है. व्यापारियों का कहना है कि बाजार में आए दिन ऐसी घटनाएं होती रहती हैं. लेकिन प्रशासन की ओर से न तो कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं और न ही बेसहारा पशुओं को पकड़ने की व्यवस्था की जाती है.

कारोबार हो रहा है प्रभावित 
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि सांडों के झगड़े की वजह से कई बार बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है. आए दिन होने वाली इन घटनाओं से बाजार में खरीदारी करने वाले लोग और दुकानदार दोनों परेशान होते हैं. व्यापारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं से बाजार में लोगों की आवाजाही कम हो रही है.जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है.

बेसहारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए
इस घटना ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं. लोग मांग कर रहे हैं कि इन बेसहारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं. बाजार के दुकानदारों और आम जनता को प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ता है.

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