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US Treasury breach: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव का कंप्यूटर हैक हो गया है. ये काम चीनी हैकर्स ने किया है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन के कंप्यूटर के साथ ही उनके दो डिप्टी के कंप्यूटर को भी हैक कर लिया गया.
चीनी हैकर्स ने अमेरिका की जरूरी फाइलें चोरी कर लीं
नई दिल्ली. चीनी हैकर्स ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन का कंप्यूटर हैक कर लिया है और इसके साथ ही उनके दो डिप्टी के कंप्यूटर को भी हैक कर लिया. इस हैकिंंग में चीनी हैकर्स करीब 50 जरूरी फाइलों तक पहुंच गए. हैकर्स ने जो फाइलें चोरी की हैं उनमें ट्रेजरी डिपार्टमेंट के काम, इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल अफेयर्स से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां थीं. ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार चीनी सरकार द्वारा समर्थित हैकर्स ने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन के कंप्यूटर और फाइलों को दिसंबर में हैक किया था. उनके साथ उप सचिव वैली एडेमो और कार्यवाहक अवर सचिव ब्रैड स्मिथ के कंप्यूटरों को भी हैकर्स ने प्रभावित किया.
रिपोर्ट में कहा गया है कि हैकर्स ने येलेन के कंप्यूटर पर 50 से कम फाइलों तक पहुंच बनाई, जो प्रतिबंधों, खुफिया जानकारी और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर ट्रेजरी के काम पर केंद्रित थी. लेकिन हैकर्स ने 400 से अधिक पर्सनल कंप्यूटरों और पर्सनल डिवाइस पर 3,000 फाइलों तक पहुंच बनाई. हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हैकर्स ऑफिशियल सिस्टम या ईमेल में सेंध नहीं लगा पाए. उन्होंने अमेरिका में विदेशी निवेश पर समिति से संबंधित जानकारी भी हासिल की, जो विदेशी निवेश के सुरक्षा निहितार्थों की समीक्षा करती है.
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कैसे हुई गड़बड़
दरअसल, ये सारी गड़बड़ी थर्ड पार्टी साइबरसिक्योरिटी देने वाले बियॉन्डट्रस्ट कॉर्प (BeyondTrust Corp.) के सॉफ्टवेयर में कमजोरी के कारण हुई. बियॉन्डट्रस्ट ने 8 दिसंबर को ट्रेजरी को इस बारे में सूचित किया था. इसके बाद ट्रेजरी ने साइबरसिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी, एफबीआई और अन्य खुफिया एजेंसियों से इस बारे में बात की. ट्रेजरी स्टाफ ने इस सप्ताह कांग्रेस के सहयोगियों और सांसदों को इस घटना के बारे में जानकारी दी.
जांच के बाद पता चला कि ये हैकर्स चीन के थे, जिन्हें चीन की सरकार से सपोर्ट है. रिपोर्ट के अनुसार, हैकर्स ने हैंकिंग में अपना पूरा फोकस दस्तावेजों को इकट्ठा करने पर रखा और पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने वर्किंग आवर्स में ये काम नहीं किया. बल्कि उसके बाद अपना काम किया. अमेरिका भले ही इस हैकिंग की घटना को चीन द्वारा प्रायोजित बता रहा हो, लेकिन चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने पहले कहा था कि चीन ने हमेशा सभी प्रकार के हैकर हमलों का विरोध किया है.
New Delhi,Delhi
January 17, 2025, 09:08 IST
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