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भारत में डिजिटल दुनिया तेजी से बढ़ रही है और साथ ही साइबर सुरक्षा की जरूरत भी बढ़ गई है. इसी को देखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Cyber Security Innovation Challenge (CSIC) 1.0 लॉन्च किया है. इसका मकसद है कि छात्र और शोधकर्ता नए-नए साइबर सुरक्षा समाधान तैयार करें. इस कार्यक्रम का उद्घाटन S Krishnan, MeitY के सचिव ने किया. इस मौके पर सरकारी अधिकारी, इंडस्ट्री के एक्सपर्ट और शिक्षा जगत के लोग भी मौजूद थे.
CSIC 1.0 खास तौर पर छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए बनाया गया है, ताकि वे नए और शोध-आधारित साइबर सुरक्षा आइडिया तैयार कर सकें. इस प्रतियोगिता में दस अलग-अलग क्षेत्र शामिल हैं: कंप्यूटर और नेटवर्क सुरक्षा, मोबाइल डिवाइस सुरक्षा, सिस्टम और सॉफ्टवेयर सुरक्षा, हार्डवेयर सुरक्षा, भविष्य की तकनीक में सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी, वायरलेस नेटवर्क सुरक्षा, साइबर फॉरेंसिक, गवर्नेंस और ऑपरेशन्स, और फिनटेक सुरक्षा.
प्रतियोगिता पांच चरणों में होगी. इससे प्रतिभागियों के आइडिया को Minimum Viable Product (MVP) तक लाया जा सकेगा. टॉप 20 टीमों को मेंटरशिप, तकनीकी वेबिनार और इंडस्ट्री एक्सपर्ट से मदद मिलेगी. यानी स्टूडेंट्स अपने आइडिया को असली दुनिया में आजमा सकते हैं.
S Krishnan ने इस मौके पर चैलेंज का वीडियो, वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन पोर्टल और नियमावली भी पेश की. उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा के लिए दो चीजें जरूरी हैं – खतरों के बारे में जागरूक होना और तकनीकी काबिलियत बढ़ाना. CSIC 1.0 इन दोनों चीजों को पूरा करता है.
इस चुनौती से छात्रों को असली दुनिया की साइबर सुरक्षा समस्याओं को समझने का मौका मिलेगा. साथ ही उन्हें साइबर सुरक्षा में करियर बनाने का भी रास्ता मिलेगा. इससे भारत में घरेलू साइबर सुरक्षा उत्पाद और समाधान भी विकसित होंगे और देश की सुरक्षा मजबूत होगी.
S Krishnan ने कहा कि साइबर सुरक्षा के लिए पूरे देश का साथ जरूरी है. यह प्रधानमंत्री मोदी के ‘whole-of-government’ विजन से जुड़ा है. CSIC 1.0 छात्रों और युवाओं के लिए साइबर सुरक्षा की दुनिया में कदम रखने का बड़ा मौका है.
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