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लगातार मिलती हार से झटपटाई बीसीसीआई अब रोहित शर्मा की कप्तानी में विराट के फॉर्मूले को प्रयोग में ला सकती है . सूत्रों की माने तो रोहित शर्मा जबसे कप्तान बने यो-यो टेस्ट को ताक पर रख दिया गया था पर टीम के गिरते ग्राफ…और पढ़ें
फिटनेस के बिना अब टीम इंडिया में आना होगा मुश्किल
नई दिल्ली. जब टीम जीत रही होती है तो सबकुछ ठीक चला होता है और जब एक के बाद एक हार होने लगे तो वजह की तलाश शुरु हो जाती है कि टीम के प्रदर्शन में अचानक गिरावट क्यों आ रही है. क्यों खिलाड़ी अपना सौ प्रतिशत टीम को नहीं दे पा रहे है. भारतीय टीम के साथ इन दिनों कुछ ऐसे ही चल रहा है टीम का ग्राफ गिर रहा है , खिलाड़ी लगातार अनफिट हो रहे है और ड्रेसिंग रूम की खबरों ने रही सही कस पूरी कर दी है .
टीम इंडिया पहले न्यूजीलैंड और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में हार के बाद बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा. टीम इंडिया हार की वजह से निशाने पर लिया गया. कप्तान रोहित शर्मा के साथ-साथ हेड कोच गौतम गंभीर भी सवालों के घेरे में रहे. अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड कुछ सख्त कदम उठा सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक टीम इंडिया में विराट कोहली के दौर का फिटनेस फॉर्मूला लागू होगा.
फिट नही तो हिट कैसे ?
ऑस्ट्रेलिया दौरा शुरु चोटिल होने की कहानी के साथ शुरु हुआ और अंत भी फिटनेस की कहानी के साथ हुआ . वैसे ये कहने में कोई गुरेज नहीं कि टीम इंडिया के कई खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं हैं. कोहली की फिटनेस का लेवल काफी अच्छा है. उनकी तरह फिटनेस को बनाए रखना आसान नहीं है. कोहली की कप्तानी के दौर में टीम इंडिया के खिलाड़ियों का यो-यो टेस्ट हुआ करता था. अब इसकी वापसी हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक टीम इंडिया में यो-यो टेस्ट की वापसी हो सकती है. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मेडिकल टीम पूरी तरह से खिलाड़ियों की चोट पर ध्यान दे रही थी. टीम खिलाड़ी चोटिल न हों, इसको लेकर काम कर रही थी. इसी वजह से फिटनेस लेवल के मामले में कुछ समय तक नरमी बरती गई. लेकिन अब फिर से सख्त रुख अपनाया जाएगा.
फिटनेस टेस्ट पास करना फिर होगा जरूरी !
भारतीय टीम पर यो-यो टेस्ट लागू हुआ तो कप्तान समेत कई खिलाड़ियों की दिक्कत बढ़ सकती है. यो-यो टेस्ट पास करना काफी कठिन होता है. यो-यो टेस्ट के दौरान खिलाड़ियों को 20 मीटर दौड़ना होता है और इसके बाद वापस आना होता है. यह कुल मिलाकर 40 मीटर की दौड़ होती है. एक राउंड पूरा करना के लिए निश्चित समय होता है. इस टेस्ट के दौरान महज 10 सेकेंड का ब्रेक मिलता है और फिर से रिपीट होता है. इसी वजह से कई खिलाड़ी फेल हो जाते हैं. इस टेस्ट की वजह से ही विराट रवि शास्त्री के कार्यकाल में खिलाड़ियों के फिटनेस लेवल में कमाल का सुधार हुआ था .उस समय कोई कितना भी बड़ा नाम क्यों ना हो टेस्ट पास ना कर पाने की स्थिति में वो टीम में सेलेक्ट नहीम हो सकता था. रोहित के आने के बाद यो-यो टेस्ट खत्म सा हो गया था पर अब इस टेस्ट को दोबारा लाया सकता है .
New Delhi,Delhi
January 16, 2025, 15:38 IST
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