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नई दिल्ली. फेस्टिवल सीजन से पहले 4 फीसदी बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DA) मिलने के अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हुए लैटर ने सभी सरकारी कर्मचारियों को चौंका तो दिया ही, एक खुशी का माहौल भी बना दिया. लेकिन अब इस लैटर की सच्चाई सामने आई है. पीआईबी ने इस लैटर को फर्जी बताया है. पीआईबी ने एक ट्विट कर इस बात की जानकारी दी और कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर की तरफ से ऐसा कोई भी लेटर जारी नहीं किया गया है. गौरतलब है कि ये लैटर अचानक ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर वायरल लैटर डिपार्टमेंट ऑफ एक्सपेंडिचर का बताया गया है. 20 सितंबर के इस लेटर में दावा किया गया था कि केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 4 फीसदी की बढ़ाेतरी कर दी गई है. जिसके बाद सरकारी कर्मचारियों डीए 34 प्रतिशत से बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया है. साथ ही ये भी दावा किया गया था कि ये 1 जुलाई 2022 से लागू माना जाएगा.
An order circulating on #WhatsApp claims that the extra installment of Dearness Allowance might be efficient from 01.07.2022#PIBFactCheck
▶️This order is #Fake
▶️Department of Expenditure, @FinMinIndia has not issued any such order pic.twitter.com/VQ07ZvpMXE
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) September 22, 2022
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