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Teacher Fraud In Sitamaehi: सीतामढ़ी के मध्य विद्यालय बसौल उर्दू में शिक्षक सर्वेश कुमार ने फर्जी प्रतिनियुक्ति पत्र बनाकर 20 दिन वेतन उठाया. मामले का खुलासा बीईओ अभय कुमार की जांच में हुआ. शिक्षक द्वारा प्रस्तुत किया गया प्रतिनियुक्ति आदेश संदिग्ध पाया गया. पत्र की प्रामाणिकता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया. बीईओ ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
सीतामढ़ीः सीतामढ़ी में शिक्षा विभाग एक बार फिर सवालों के कटघरे में है. बाजपट्टी प्रखंड के मध्य विद्यालय बसौल उर्दू में पदस्थापित एक शिक्षक द्वारा प्रतिनियुक्ति के नाम पर फर्जीवाड़ा कर 20 दिनों तक बिना स्कूल आए वेतन उठाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जैसे ही बीईओ के निरीक्षण में यह अनियमितता पकड़ी गई, विभाग में हड़कंप मच गया. शुरुआती जांच में यह साफ हो गया कि शिक्षक न केवल लगातार अनुपस्थित थे, बल्कि फर्जी प्रतिनियुक्ति पत्र बनाकर सिस्टम को धोखा देने की कोशिश भी कर रहे थे.
निरीक्षण के दौरान खुली पोल
मामला तब प्रकाश में आया जब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) अभय कुमार सोमवार को विद्यालय निरीक्षण के लिए पहुंचे. विद्यालय में कुल नौ शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर दिखाए गए थे. जिनमें से तीन अवकाश पर थे. निरीक्षण के दौरान बीईओ ने पाया कि शिक्षक सर्वेश कुमार 18 नवंबर 2025 से लगातार विद्यालय नहीं आ रहे थे। यह पहला संकेत था कि कुछ गड़बड़ है.
शिक्षक की उपस्थिति का कोई रिकॉर्ड नहीं
जब बीईओ ने सर्वेश कुमार के प्रतिनियुक्ति आदेश की जांच की, तो बड़ा खुलासा हुआ. शिक्षक द्वारा प्रस्तुत किया गया प्रतिनियुक्ति आदेश संदिग्ध पाया गया. सर्वेश ने दावा किया था कि उन्हें बाजपट्टी प्रखंड कार्यालय में निर्वाचन कार्य के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है. हालांकि, जब प्रखंड कार्यालय में इसकी पुष्टि की गई, तो पता चला कि ऐसा कोई आदेश या पत्रांक कभी जारी ही नहीं हुआ था. प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों ने भी स्पष्ट कहा कि सर्वेश कुमार किसी भी दिन कार्यालय में दिखाई नहीं दिए. गौरतलब है कि चुनाव और मतगणना कार्य काफी पहले समाप्त हो चुके हैं. एमएलसी चुनाव की तैयारी भी शुरू हो गई है, लेकिन शिक्षक की उपस्थिति का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला.
पत्र की प्रामाणिकता पर सवाल
प्रकरण को और गंभीर बनाते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक नूर आलम ने एक प्रतिनियुक्ति पत्र प्रस्तुत किया. जिसमें सर्वेश कुमार समेत दो शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति दर्शाई गई थी. यह पत्र पत्रांक 96, दिनांक 18 नवंबर 2025 का था. लेकिन जांच में पता चला कि यह पत्र प्रखंड कार्यालय के किसी भी रजिस्टर में दर्ज नहीं है. इससे पत्र की प्रामाणिकता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया. विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामला फर्जी दस्तावेज के सहारे प्रतिनियुक्ति लेने व विद्यालय से अनुपस्थित रहने का स्पष्ट संकेत देता है.
कारण बताओ नोटिस जारी
बीईओ अभय कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है. शिक्षक का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई तय है. शिक्षा विभाग इस मामले को शिक्षक अनुशासनहीनता का गंभीर मामला मान रहा है. संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने पर वेतन रोकने से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई संभव है. इस घटना ने एक बार फिर प्रतिनियुक्ति प्रक्रिया में व्याप्त अनियमितताओं को उजागर कर दिया है. शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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