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Ground Report: क्रिकेटर हर्षित के गांव में है सरकारी नौकरी करने वालों का रुतबा, अब बच्चा-बच्चा बनना चाहता है खिलाड़ी

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Agency:NEWS18DELHI

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India vs England ODI Series: इंडिया टीम में गेंदबाजी करते हुए क्रिकेटर हर्षित राणा ने इतिहास रच दिया है. उनके पिता प्रदीप न सिर्फ अपने बेटे के लिए कोच बने बल्कि हमेशा उन्हें क्रिकेटर बनने के लिए राह दिखाते रहे …और पढ़ें

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हर्षित

हर्षित राणा 

हाइलाइट्स

  • हर्षित राणा ने वनडे डेब्यू में 3 विकेट लिए.
  • घेवरा गांव में अब क्रिकेट का क्रेज बढ़ा.
  • हर्षित की गेंदबाजी और बैटिंग दोनों जबरदस्त.

नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच 3 वनडे मैचों की सीरीज खेली जा रही है, जिसमें डेब्यू करने वाले क्रिकेटर हर्षित राणा लगातार वायरल हो रहे हैं. हर्षित राणा ने टीम इंडिया में शामिल होकर अपना डेब्यू  किया है. टीम इंडिया के वनडे मैच में हर्षित राणा को डेब्यू करने का मौका मिलते ही मैच में 3 विकेट लेकर इतिहास रच दिया है. उन्होंने कई बड़े खिलाड़ियों को इस मामले में पीछे छोड़ दिया है. यही वजह है कि हर्षित राणा की तुलना अभी से ही तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से की जा रही है.

ऐसे में लोकल 18 की टीम हर्षित राणा के दिल्ली के उत्तर पश्चिम स्थित घेवरा गांव पहुंची. जहां पर हर्षित राणा ने न सिर्फ क्रिकेट खेलना सीखा, बल्कि इन्हीं गलियों में वह पलते हुए अपना बचपन बिताया है. लोकल 18 की टीम जब क्रिकेटर हर्षित राणा के घर पहुंची तो उनके घर पर ताला लगा हुआ था. साथ ही घर पर कोई भी मौजूद नहीं था. इसके बाद लोकल 18 की टीम हर्षित राणा के बड़े भाई निशांत से मुलाका की.

हर्षिता राणा के भाई निशांत ने बताया कि हर्षित बचपन से ही क्रिकेट खेलते आ रहे हैं. उनके पिता प्रदीप भी क्रिकेट खेलते थे. पिता प्रदीप ने ही हर्षित को क्रिकेटर बनने की राह दिखाई. हर्षित के पिता प्रदीप न सिर्फ अपने बेटे के लिए कोच बने. बल्कि हमेशा उन्हें क्रिकेटर बनने के लिए राह दिखाते रहे और प्रैक्टिस भी कराई. यह एक छोटा सा गांव है, लेकिन यहां पर 27 क्रिकेट अकादमी हैं. इन्हीं क्रिकेट अकादमी में हर्षित ने काफी प्रेक्टिस की और मेहनत किया और आज उसे इतना बड़ा मुकाम मिला है.

सरकारी नौकरी नहीं अब क्रिकेट का क्रेज

हर्षित के बड़े भाई निशांत ने बताया कि घेवरा गांव में अभी तक सिर्फ सरकारी नौकरी का क्रेज था. लोग यूपीएससी की तैयारी करते थे और यहां से लगातार यूपीएससी क्रैक भी हो रहा है. सभी सरकारी नौकरी करते हैं, लेकिन हर्षित ने क्रिकेटर बनकर जो मुकाम हासिल किया है. उसे देखकर अब यहां का बच्चा-बच्चा क्रिकेटर बनने का सपना देख रहा है और प्रैक्टिस कर रहा है. अभी छोटे से गांव के लोगों को भी बड़े सपने देखने का एक मौका हर्षित राणा ने दिया है.

उन्होंने बताया कि हर्षित बचपन से ही क्रिकेट खेलते थे. 11वीं और 12वीं में निशांत ने ही उनको इकोनामी पढ़ाई थी. साथ ही हर्षित गांव में भी जो भी क्रिकेट के टूर्नामेंट होते थे. सब में टॉप पर आते थे. प्रदीप की मां गीता अपने बेटे के लिए बारिश के मौसम में सड़कों पर पानी भर जाने के बावजूद मंदिर जाती थी और प्रार्थना करती थी. आज भी हर्षित की मां हर मौसम में मंदिर जाकर अपने बेटे की तरक्की के लिए कामना करती हैं. बेटे को जब टीम इंडिया में डेब्यू मिला, तो मां ने सत्संग कराया था और पूरे गांव वालों को शामिल भी किया था.

गेंदबाजी और बैटिंग दोनों है जबरदस्त 

हर्षित राणा के बड़े भाई निशांत हैं. उन्होंने बताया कि अभी तक सिर्फ एक शानदार गेंदबाज बनकर हर्षित राणा उभरे हैं, लेकिन हर्षित की बैटिंग भी बहुत जबरदस्त है और वर्ल्ड कप में जब हर्षित खेलेंगे तो यकीनन टीम इंडिया की जीत निश्चित हो जाएगी. वहीं, हर्षित राणा के ताऊ कुलदीप ने कहा कि उन्हें काफी गर्व महसूस हो रहा है. हर्षित राणा को टीम इंडिया में जगह मिल गई है.

वहीं, हर्षित राणा की ताई उषा ने कहा कि हर्षित उनके बच्चों के साथ ही स्कूल में पढ़ें हैं. जहां 15 दिन पहले भी अपने गांव आए थे. सभी से मिलकर आशीर्वाद लेकर गए हैं. हर्षित के चाचा नरेंद्र ने कहा कि हर्षित अच्छा कर रहे हैं और यकीनन क्रिकेट की दुनिया में हर्षित इतिहास रच देंगे. वहीं, भाभी नीशू ने कहा कि वह अपने बेटे को हर्षित राणा जैसा ही बनाने की प्रैक्टिस अब दे रही हैं.

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हर्षित के गांव का हर बच्चा बनना चाहता है खिलाड़ी, यहां है 27 क्रिकेट अकादमी

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