Headlines

Hrithik Roshan father pain spilled over about the unknown musician he did not get respect in Bollywood The Roshans is telling the truth- गुमनाम संगीतकार को लेकर छलका ऋतिक रोशन के पिता का दर्द, बॉलीवुड में नहीं मिला सम्मान, The Roshans बयां कर रही सच

[ad_1]

Last Updated:

ऋतिक रोशन के पिता राकेश रोशन इन दिनों अपने परिवार पर बनी डॉक्यू-सीरीज- द रोशन्स को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने अपने पिता की काबिलियत को लेकर चर्चा की है. उन्होंने हाल ही एक बातचीत में कहा, ‘मैं…और पढ़ें

गुमनाम संगीतकार को लेकर छलका राजेश रोशन का दर्द, बॉलीवुड में नहीं मिला सम्मान

द रोशन्स स्टार ऋतिक रोशन, राजेश रोशन और राकेश रोशन

हाइलाइट्स

  • द रोशन्स को लेकर चर्चा में हैं रोशन फैमिली
  • राकेश रोशन को है बॉलीवुड में सम्मान न मिलने का दुख
  • सिनेमा को राकेश रोशन के पिता ने दिया योगदान

नई दिल्लीः ऋतिक रोशन के पिता और फिल्म निर्माता राकेश रोशन भारतीय सिनेमा को तमाम फिल्में दी हैं जिनमें कुछ सक्सेस हुई हैं तो तमाम ऐसी भी हैं जिनसे उन्हें असफलता हाथ लगी. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान परिवार पर बनी डॉक्यू-सीरीज- द रोशन्स पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं. साथ ही उन्होंने उस घटना के बारे में बताया जिसने उन्हें अपने निजी जीवन से बाहर आने के लिए प्रेरित किया और इस 4-भाग की सीरीज का नेतृत्व किया. द रोशन्स नागरथ परिवार की कहानी बयां करता है, जिसकी शुरुआत संगीत निर्देशक रोशन नागरथ से होती है, उसके बाद राजेश रोशन, राकेश और ऋतिक आते हैं. शो में आगे चर्चा की गई है कि कैसे परिवार की भावी पीढ़ियां रोशन सरनेम अपनाती हैं और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाती हैं.

क्यों बनाई डॉक्यू- सीरीज रोशन्स?
डीएनएइंडिया में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, राकेश अपनी जीवंत मुस्कान के साथ सीरीज के रिलीज होने के बाद रिसीव होने वाले मैसेजों पर चर्चा करते हैं और कहते हैं, ‘मैं आज अपने पिता के म्यूजिक को पुनर्जीवित करके बहुत खुश हूं. मुझे बहुत सारे संदेश मिले, जिसमें कहा गया था ‘हमने यह गाना सुना है, लेकिन हमें नहीं पता था कि इसे आपके पिता ने बनाया है’. करण अर्जुन के निर्देशक ने आगे बताया कि उन्हें डॉक्यू-सीरीज बनाने के लिए किस बात ने प्रेरित किया.

सिनेमा ने भुलाया राकेश रोशन के पिता का योगदान
आगे वे कहते हैं, ‘कई साल पहले, एक ट्रांजिस्टर था जिसमें 5000-10000 गाने थे, जिन्हें मशहूर सिंगर्स ने गाया था, लोकप्रिय संगीतकारों ने म्यूजिक किया था और इसमें अभिनेताओं और फिल्म निर्माताओं के नाम थे. मैं इन गानों को सुनता था. एक दिन मैंने अपने पिता का गाना सुनने का फैसला किया, लेकिन मेरे पिता का गाना उसमें नहीं था और मुझे उनका नाम भी लिस्ट में नहीं मिला. मुझे इस बात का बहुत बुरा लगा.’ राकेश आगे कहते हैं, ‘मेरे पिता ने इतना अच्छा काम किया. इतनी सुंदर रचनाएं दीं और उसका कोई जिक्र नहीं? उनका नाम नहीं है, बाकी सबका नाम है. फिर एक दिन मेरी मुलाकात शशि रंजन से हुई. हमने अपने फार्महाउस में इस बारे में चर्चा की. शशि मेरे पिता के गाने गा रहे थे और वे उनके काम के मुरीद हैं. तो मैंने उनसे अपनी दुविधा पर चर्चा की और उन्होंने एक विचार दिया ‘आप उन पर एक डॉक्यूमेंट्री क्यों नहीं बनाते?’ और यहीं से मुझे प्रेरणा मिली.’

असफल होने पर क्यों नहीं छोड़ा बॉलीवुड?
डॉक्युमेंट्री का तीसरा एपिसोड कहो न प्यार है के डायरेक्टर राकेश की एक असफल अभिनेता से एक ब्लॉकबस्टर निर्देशक तक की यात्रा को दर्शाता है. उनसे पूछें कि क्या अभिनेता और फिर निर्माता के रूप में कई असफल प्रयासों के बाद उन्हें फिल्में छोड़ने की सलाह दी गई थी, राकेश ने खुलासा किया, ‘मैं कभी किसी के कहने पर आता नहीं हूं. कहा भी होगा तो मैंने सुना नहीं होगा. मुझे अंदर से पता था कि मैं कुछ और कर भी नहीं सकता हूं. मुझे कुछ आता ही नहीं था. मैं पढ़ा-लिखा नहीं था, तो, मुझे कोई नौकरी भी नहीं मिलती. बता दें कि शशि रंजन द्वारा निर्देशित, द रोशन्स वर्तमान में नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग कर रही है.

homeentertainment

गुमनाम संगीतकार को लेकर छलका राजेश रोशन का दर्द, बॉलीवुड में नहीं मिला सम्मान

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *