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कटक: भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में संजू सैमसन के बजाय जितेश शर्मा को प्लेइंग इलेवन में मौका दिया था. जितेश ने टीम मैनेजमेंट की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए विकेट के पीछे शानदार खेल दिखाया. कई फुर्तीले कैच लपके और भारत की 101 रन से जीत में अहम भूमिका निभाई.
अब जब टी-20 विश्व कप शुरू होने में दो महीने से भी कम का समय बचा है तब ये चर्चा आम हो चुकी है कि संजू सैमसन की जगह जितेश शर्मा ही फर्स्ट चॉइस विकेटकीपर होंगे. संजू के साथ अपनी तुलना पर जितेश शर्मा ने मैच के बाद संवादातओं से कहा:
वह (संजू) बेहतरीन खिलाड़ी है. अगर आपको उसके खिलाफ प्रतिस्पर्धा करनी है और कंधे से कंधा मिलाकर चलना है तो मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा. मुझे लगता है कि हम किसी अन्य टीम के लिए नहीं बल्कि भारत की तरफ से खेलने के लिए प्रयास कर रहे हैं.
गिल के आते ही अचानक संजू टीम से बाहर
संजू ने पिछले साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन शतकों की मदद से 436 रन बनाए थे. उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ एक मजबूत सलामी जोड़ी बनाई थी, लेकिन शुभमन गिल की टी-20 टीम में वापसी के बाद संजू की टीम में जगह पक्की नहीं रही और अंतिम एकादश उनकी भूमिका अनिश्चित हो गई.
जितेश शर्मा ने व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा को कम महत्व दिया और कहा कि वह संजू के मार्गदर्शन में काफी कुछ सीख रहे हैं. उन्होंने कहा:
मुझे बहुत खुशी है कि वह टीम में है और मैं उनके मार्गदर्शन में सीख रहा हूं. वह मेरे लिए बड़े भाई की तरह हैं. मुझे लगता है कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से ही प्रतिभा निखरती है. यह टीम के लिए भी अच्छा है. इस भारतीय टीम में बहुत अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं. इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि संजू बाहर हैं और मैं खेल रहा हूं.’
संजू मेरे भाई की तरह है- जितेश शर्मा
जितेश ने कहा, हम भाइयों की तरह हैं. हम एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा करते हैं. जब भी मैं विकेटकीपिंग या बल्लेबाजी करता हूं तो वह मेरी बहुत मदद करते हैं.’ जितेश ने 2023 में एशियाई खेलों में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद से फिनिशर की भूमिका अच्छी तरह से निभाई है और इसलिए उन्हें संजू पर प्राथमिकता दी गई. उन्होंने कहा:
ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद मुझे ज्यादा आराम नहीं मिला. मैं एशिया कप में खेला था. पिछले दो-तीन साल से मैं आईपीएल में फिनिशर की भूमिका निभा रहा हूं. यही मेरी रोजी-रोटी है. अभ्यास के दौरान मैं मैच की स्थिति को ध्यान में रखकर खेलता हूं तथा अपने कौशल का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहता हूं.
जितेश ने कहा, ‘निश्चित रूप से मेरी भूमिका स्पष्ट है कि मैं मध्यक्रम में या निचले क्रम में बल्लेबाजी करूंगा. टीम प्रबंधन ने मेरी भूमिका और मुझसे की जाने वाली अपेक्षा के बारे में मुझे स्पष्ट रूप से बता दिया है जिससे मुझे फायदा मिल रहा है.
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