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interesting a man who helped making apple smartwatch now stop wearing tells reason why- जिसने बनाया ऐपल वॉच, उसी ने पहनना छोड़ दिया, वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे, करने लगेंगे फॉलो

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ऐपल वॉच बनाने वाली कंपनी के पूर्व इंजीनियर रे फर्नांडो ने स्मार्टवॉच पहनना क्यों छोड़ा? जानिए कैसे हेल्थ ट्रैकिंग ने उनकी जिंदगी बदली और क्यों उन्होंने खुद को मशीनों से आज़ाद किया.

आजकल बहुत से लोग स्मार्टवॉच का इस्तेमाल करते हैं, जो उनकी सेहत पर भी नज़र रखती हैं. अलग-अलग कंपनियों की स्मार्टवॉच बाजार में मौजूद हैं, लेकिन इनमें Apple Watch सबसे ज़्यादा मशहूर है.

आजकाल बरेच लोक स्मार्टवॉच वापरतात. ज्यामुळे आरोग्यावरही लक्ष ठेवलं जातं. –वेगवेगळ्या कंपनीचे स्मार्टवॉच आहेत, पण त्याच अ‍ॅपल वॉच फेमस. पण हेच स्मार्टवॉच बनवणाऱ्या कंपनीच्या माजी इंजिनीअरने मात्र आता हे घड्याळ आपल्या हातातून काढून टाकलं आहे. यामागील त्याने कारण सांगितलं तेसुद्धा शॉकिंग आहे.

हालांकि, इस स्मार्टवॉच बनाने वाली कंपनी के एक पूर्व इंजीनियर ने अब इसे पहनना बंद कर दिया है. इसके पीछे उन्होंने जो वजह बताई है, वह भी काफी चौंकाने वाली है.

रे फर्नांडो असं या इंजिनीअरचं नाव. त्यांनी सांगितलं, अ‍ॅपल वॉचने त्यांच्या आयुष्यात सकारात्मक बदल घडवून आणले. जेव्हा त्याने पहिल्यांदा घड्याळ घातलं तेव्हा त्यांना मिनिटा मिनिटाला अलर्ट मिळत होते की त्याचं वजन वाढत आहे. घड्याळामुळे त्यांनी स्वतःला तंदुरुस्त ठेवण्यासाठी एक वेळापत्रक तयार केले आणि अनेक वर्षे त्यांच्या सूचनांचं पालन केलं.

रे फर्नांडो ऐसा इस इंजीनियर का नाम है. उन्होंने बताया कि Apple Watch ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद की. जब उन्होंने पहली बार यह घड़ी पहनी, तो उन्हें मिनट-मिनट पर अलर्ट मिलने लगे कि उनका वजन बढ़ रहा है. इस घड़ी की वजह से उन्होंने खुद को फिट रखने के लिए एक रूटीन बनाया और कई सालों तक उसकी सलाहों का पालन किया.

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पण कालांतराने घड्याळ वापरण्याचा त्यांचा अनुभव बदलू लागला. हे घड्याळ त्यांच्यासाठी त्रासदायक बनलं. त्यांना ते आपलं आयुष्य स्वतःच्या इच्छेनुसार नाही तर मशीन्सनुसार चालवले जात आहे.  जरी तो स्वतः त्यावर नियंत्रण ठेवू शकत असला तरी, त्याने सतत सेटिंग्ज बदलण्यापेक्षा स्वतःला त्यापासून दूर ठेवण्याचा निर्णय घेतला.

लेकिन समय के साथ घड़ी इस्तेमाल करने का उनका एक्सपीरिएंस बदलने लगा. ये घड़ी उनके लिए परेशान करने वाली बन गई. उन्हें महसूस हुआ कि उनका जीवन अपनी इच्छा के अनुसार नहीं, बल्कि मशीनों के हिसाब से चल रहा है.

हालांकि वह खुद उस पर कंट्रोल रख सकते थे, लेकिन बार-बार सेटिंग्स बदलने के बजाय उन्होंने खुद को उससे दूर रखने का फैसला किया.

हालांकि वह खुद उस पर कंट्रोल रख सकते थे, लेकिन बार-बार सेटिंग्स बदलने के बजाय उन्होंने खुद को उससे दूर रखने का फैसला किया.

आता तो म्हणतो की तो मोकळा आहे, प्रत्येक गोष्टीवर लक्ष ठेवण्याची गरज नाही. त्याने दररोज किती चालावं, काय खावं,किती काम करावं आणि आरोग्याशी संबंधित कोणत्या घटकांवर विशेष लक्ष दिलं पाहिजे, हे त्याला समजतं. तो अ‍ॅपल वॉचची अजिबात टीकाकरत नाही. हा बदल त्याच्या वैयक्तिक आयुष्याशी संबंधित आहे, कोणत्याही व्यावसायिक दबावाशी नाही, हेसुद्धा त्याने स्पष्ट केलं.

अब वह कहते हैं कि वह खुद को आज़ाद महसूस करते हैं और हर चीज़ पर लगातार नज़र रखने की ज़रूरत नहीं है. उन्हें अब यह समझ आ गया है कि रोज़ कितना चलना चाहिए, क्या खाना चाहिए, कितना काम करना चाहिए और सेहत से जुड़े किन पहलुओं पर खास ध्यान देना ज़रूरी है.

वह Apple Watch की बिल्कुल भी आलोचना नहीं करते. उन्होंने यह भी साफ किया कि यह बदलाव उनके निजी जीवन से जुड़ा है, किसी भी पेशेवर या व्यावसायिक दबाव की वजह से नहीं.

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जिसने बनाया ऐपल वॉच, उसी ने पहनना छोड़ दिया! वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे

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