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Interview: शाहरुख खान के साथ बोमन ईरानी की बर्लिन में वो मुलाकात, अगर इरफान होते तो उन्हें देते ‘द मेहता बॉयज’

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बोमन ईरानी ने 65 साल की उम्र में ‘द मेहता बॉयज’ से निर्देशन में डेब्यू किया. फिल्म बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाई गई. उन्होंने एक्टिंग, निर्देशन और लेखन तीनों भूमिकाएं निभाईं. इस बीच उन्होंने न्यूज 18 हिंदी…और पढ़ें

Interview: शाहरुख के साथ बोमन ईरानी की वो मुलाकात, अगर इरफान होते तो...

बोमन ईरानी ने न्यूज18 हिंदी से खास बातचीत की. (Insta@boman_irani)

यूं तो बोमन ईरानी ने हमेशा अपने कई किरदारों से खास छाप छोड़ी है. ऐसे दमदार रोल निभाए हैं कि लीड एक्टर को भी पीछे छोड़ दिया है. अपने 24 साल के फिल्म करियर में उन्होंने बतौर एक्टर तो बहुत फिल्में कीं लेकिन 65 साल की उम्र में डायरेक्टर की कुर्सी पर पहली बार बैठे हैं. जी हां, बोमन ईरानी के निर्देशन में बनी पहली फिल्म ‘द मेहता बॉयज’ ओटीटी पर आ चुकी है. जिसे बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया था. इस फिल्म पर बोमन ईरानी ने करीब 5 साल तक काम किया. न सिर्फ एक्टिंग और डायरेक्टर बल्कि राइटर के तौर पर भी उन्होंने इस कहानी को डवलेप किया. इसी फिल्म को लेकर उन्होंने ‘न्यूज 18 इंडिया’ से खास बातचीत की. पढ़िए पूरा इंटरव्यू.

‘द मेहता बॉयज’ क्यों दूसरी बाप-बेटे के रिश्तों पर बनी फिल्मों से अलग है?
फिल्म को लेकर वह कहते हैं, ‘यह सिर्फ एक कहानी नहीं है, बल्कि यह मानवीय भावनाओं और संवेदनाओं को गहराई से समझने और उजागर करने की कोशिश है.फिल्म का फोकस दो ऐसे किरदारों पर है, जो एक-दूसरे से बहुत अलग होते हुए भी एक-दूसरे से काफी मेल खाते हैं. मैं इसे सिचुएशनल फिल्म कहूंगा, जहां 48 घंटे एक पिता और बेटा साथ रहते हैं. कई चीजें फेस करते हैं और दिल-दिमाग में चलने वाली दोनों की अपनी अपनी चीजें हैं.’

एक फिल्म ही में एक्टिंग करना और डायरेक्शन करना कितना मुश्किल होता है?
‘द मेहता बॉयज’ फिल्म में बोमन ईरानी ने न सिर्फ एक्टिंग की है बल्कि डायरेक्टशन भी किया है. ये उनका डायरेक्टोरियल डेब्यू है. साथ ही लेखन भी किया है. ऐसे में उन्होंने निर्देशन और अभिनय को एक साथ निभाना कितना चैलेंजिंग था, इसे लेकर कहा, ‘निर्देशन अपने आप में ही बहुत बड़ा काम होता है, और जब आप खुद ही फिल्म में अभिनय भी कर रहे हों, तो जिम्मेदारी दोगुनी हो जाती है. लेकिन जब आप स्क्रिप्ट से जुड़ जाते हैं और हर पहलू को समझ लेते हैं, तो यह काम थोड़ा आसान हो जाता है.’ उन्होंने बताया कि डायरेक्शन के लिए पूरी तरह से प्लानिंग की थी और पहले से ही अच्छी तरह से रिहर्सल की थी, ताकि फिल्मांकन के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो.

अगर पिता का रोल खुद नहीं निभाते तो किसे इस रोल के लिए चुनते?
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि यदि उन्हें मौका मिलता, तो वे किस एक्टर को पिता के रोल के लिए अपनी फिल्म में लेना चाहते? तो उन्होंने इरफान खान का नाम लिया. उन्होंने कहा, ‘इरफान खान मेरे सबसे पसंदीदा अभिनेताओं में से एक थे. उनकी प्रतिभा बेमिसाल थी. वे हर किरदार में जान डाल देते थे. अगर वह आज होते, तो मैं उन्हें इस फिल्म के लिए जरूर कास्ट करता.’

बेटे के रोल के लिए अविनाश तिवारी की कास्टिंग तय हुई?
‘द मेहता बॉयज’ में बेटे का रोल अविनाश तिवारी ने निभाया है. उनकी कास्टिंग को लेकर बोमन ईरानी ने बताया कि हमने कई ऑडिशन लिए थे, लेकिन अविनाश की परफॉर्मेंस में एक अलग गहराई थी. वह अपने किरदार को समझते हैं और उसे संजीदगी से निभाते हैं. यही वजह थी कि उन्हें इस फिल्म के लिए चुना गया.

शाहरुख खान के साथ अनुभव कैसा था?
शाहरुख खान के साथ बोमन ईरानी ने डंकी, डॉन 2 से लेकर हैप्पी न्यू ईयर जैसी कई फिल्मों में काम किया है. किंग खान के साथ काम करने के अनुभव पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘शाहरुख सेट पर सभी को सहज महसूस कराते हैं. वह पूरी टीम को साथ लेकर चलते हैं और एक खुशनुमा माहौल बनाते हैं. उनके साथ काम करना हमेशा शानदार अनुभव होता है.मेरी उनसे आखिरी बार मुलाकात बर्लिन में हुई थी. वह उसी होटल में ठहरे थे जहां मैं था. हमारी अच्छी खासी बातचीत हुई थी.’

क्यों फिल्मों का बिजनेस संभल नहीं पा रहा है?
2024 फिल्मों के नंबर के हिसाब से कुछ खास नहीं रहा. साल 2025 की भी शुरुआत धीमी ही रही है. ऐसे में आखिर क्या कारण है कि फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस नहीं कर पा रहीं, तो बोमन ईरारानी कहते हैं, ‘मैं फिल्म इसलिए नहीं बनाता कि वह बाजार में कैसी चलेगी, बल्कि इसलिए बनाता हूं क्योंकि मुझे उस कहानी को दुनिया के सामने लाना जरूरी लगता है. बेशक, बिजनेस भी जरूरी है, लेकिन सबसे अहम यह है कि फिल्म दर्शकों के दिल तक पहुंचे. रही बात नंबर की तो ओटीटी के बाद काफी चीजें बदली हैं. अगर लोग फिल्म की तारीफ किसी के मुंह से सुनते हैं तभी वह थिएटर में जाते हैं वरना ओटीटी पर आने का इंतजार करते हैं.”

क्या कभी कोई पिक्चर सिर्फ यारी दोस्ती में की हो?
इस सवाल पर वह कहते हैं, ‘बिल्कुल मैं कई बार कई फिल्में दोस्ती और आपसी बॉन्ड की वजह से की है. इसमें आखिर हर्ज ही क्या है. अगर कोई मेरा योगदान चाहेगा तो मैं जरूर दूंगा. अगर कोई अच्छी कहानी सामने लाना चाहता है तो मैं उसे जरूर सपोर्ट करूंगा.’

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