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Agency:News18 Madhya Pradesh
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Ajab gajab information: बुरहानपुर में 50 साल की महिला की कलाकारी से आस पास के लोग हैरान हैं. उन्होंने आसपास के कूड़े को इकट्ठा कर घर में इस्तेमाल होने वाली चटाई बनाना शुरू किया.
चटाई बनाती महिला
मोहन ढाकले/बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के लोनी में रहने वाली 50 वर्षीय महिला की ऐसी कलाकारी है कि देखकर हर कोई हक्का-बक्का हो जा रहा है. महिला अपने हाथों से चटाई का ऐसे निर्माण करती है जैसे देखने पर लग रही है कि कोई मशीन से बनाई गई है लेकिन यह महिला के हाथों की कलाकारी है. महिला अपने क्षेत्र को कचरा मुक्त करने के लिए अभियान भी चला रही है. उसी के माध्यम से गुटका पाउच की पन्नियां एकत्रित करती है और उस की चटाई बना रही है. महिला को अब इससे रोजगार भी मिलने लगा है .लोनी में रहने वाली शारदा बाई धुंधले से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं एक वर्ष से यह चटाई बनाने का काम कर रही हूं. मैने अभी तक करीब 100 से अधिक चटाइयां बनाई है जो मैंने बेची है. जिससे मुझे रोजगार भी मिला है. एक चटाई बनाने में मुझे 15 से 20 दिन लगते हैं इसकी मजबूती और डिजाइन ऐसी बनती है जैसे डिजाइन मशीन की भी नहीं बन पाती है.
कलाकार महिला ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब चटाइयां बनाने वाली कलाकार शारदा बाई से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं खेत में मजदूरी करने का काम करती हूं. जब देखा कि अपने घर के आसपास गुटके पाउच की पन्निया पड़ी रहती थी तब मैंने उनको लाया और काटकर उनसे चटाई बनाना शुरू किया. पहले दिन चटाई बनाई तो डिजाइन वाली चटाई बनते गई तब मैंने सोचा कि इसकी बड़ी चटाई भी बना सकते हैं. मैने 1 वर्ष में अभी तक 100 से अधिक चटाई बनाई है. लोगों को भी पसंद आ रही है जिससे मुझे रोजगार भी मिल रहा है और क्षेत्र में कचरा भी नहीं फैल रहा है.
मशीन से अच्छी बनती है डिजाइन
कलाकार महिला का कहना है कि जो मैं हाथों से चटाई बनाती हूं वह मशीन से भी अच्छे डिजाइन वाली बन जाती है. इसमें किसी प्रकार का मुझे धागा रस्सी बांधना नहीं पड़ता है. बस पन्नी में पन्नी डालकर चटाई बनती जा रही है. अब जिले के साथ आसपास के गांव के लोग भी मुझे ऑर्डर देकर चटाई बनवाते हैं. एक चटाई बनाने में मुझे छोटी 10 दिन का समय लगता है बड़ी चटाई बनाने में 15 से 20 दिन लग जाते हैं.
Burhanpur,Madhya Pradesh
January 24, 2025, 14:47 IST
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