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OPINION: 50 साल बाद ‘शोले’ का असली क्लाइमैक्स देखना, एक अलग एहसास है

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नई दिल्ली. 50 साल बाद जब आप ‘शोले’ के असली और अनकट क्लाइमैक्स को बड़े पर्दे पर देखते हैं, तो वह अनुभव कैसा होता है? यह सिर्फ सिनेमा नहीं, बल्कि एक युग का पुनर्जीवित होना है. धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन के इस मास्टरपीस के असली अंत को देखने आपके अंदर एक अलग सा रोमांच पैदा करता है. आज धर्मेंद्र हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके चाहने वाले उन्हें दशकों तक नहीं भूल पाएंगे. आज सिनेमाघरों में उनकी याद में 50 साल पुरानी फिल्म ‘शोले’ फिर से रिलीज की गई है. वो भी असली क्लाइमैक्स के अलावा 4K क्वालिटी और डॉल्बी 5.1 साउंड के साथ.

क्या भविष्य में ‘शोले’ जैसी फिल्म बन सकती है?
मैं खुद ‘शोले’ का बहुत बड़ा फैन रहा हूं, हालांकि यह फिल्म मेरे जन्म से 12 साल पहले थिएटर में रिलीज हुई थी, लेकिन मैंने इसे टीवी पर इतनी बार देखा है कि मुझे याद भी नहीं है. यह पहली बार था जब मैंने ‘शोले’ को थिएटर में देखा. यकीन मानिए, इसे थिएटर में देखने का एक अलग ही एहसास होता है, और मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि पिछले 50 सालों में कोई भी ऐसी फिल्म नहीं बनी जो इसका मुकाबला कर सके. मुझे यह कहने में कोई दिक्कत नहीं है कि ‘शोले’ जैसी फिल्म न कभी बनी है, न कभी बनेगी.

‘शोले’ बिना किसी कट के रिलीज हुई है?
रमेश सिप्पी की यह फिल्म पहली बार 1975 में थिएटर में रिलीज हुई थी. ध्यान देने वाली बात यह है कि जब फिल्म थिएटर में रिलीज हुई थी, तब देश में इमरजेंसी लगी हुई थी. सरकार और सेंसरशिप के दबाव में मेकर्स को ‘शोले’ का क्लाइमैक्स बदलकर उसे रीशूट करना पड़ा था. अब, 50 साल बाद जब ‘शोले’ दोबारा थिएटर में रिलीज हुई है, तो इसे अनकट रिलीज किया गया है, मतलब आपको ओरिजिनल ‘शोले’ देखने को मिलेगी, जहां आपको वे डायलॉग भी सुनने को मिलेंगे जो ओरिजिनल फिल्म से हटा दिए गए थे.

ओरिजिनल क्लाइमैक्स कैसा है?
असल में, ‘शोले’ के ओरिजिनल क्लाइमैक्स में ठाकुर अपने नुकीले जूते से गब्बर को मार देता है, और इस बार भी आपको ठीक यही देखने को मिलेगा. हालांकि, जब भी आपने ‘शोले’ देखी होगी, तो आपने शायद देखा होगा कि ठाकुर गब्बर को मारने की कोशिश करता है, लेकिन आखिर में पुलिस आ जाती है. अब, आप सोच रहे होंगे कि सरकार ने क्लाइमैक्स बदलने के लिए क्यों कहा था? मैं आपको बता दूं, उस समय सरकार का मानना ​​था कि ठाकुर खुद एक पुलिसवाला है, तो कोई पुलिसवाला कानून अपने हाथ में कैसे ले सकता है?

‘शोले: द फाइनल कट’ क्यों देखना चाहिए?
आपको ‘शोले: द फाइनल कट’ में बहुत सी ऐसी चीजें देखने को मिलेंगी जो आपने पहले नहीं देखी होंगी. सबसे जरूरी बात, 50 साल पुरानी फिल्म को 4K क्वालिटी में और डॉल्बी 5.1 साउंड के साथ देखना एक अनोखा अनुभव है. आपको ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगेगा कि आप सिनेमा में 50 साल पुरानी फिल्म देख रहे हैं. मैं बस इतना कहूंगा कि आपको अपने पुराने दिन याद आ जाएंगे.

फिल्‍म का नाम: ‘शोले: द फाइनल कट’
री-रिलीज डेट: 12 दिसंबर 2025
डायरेक्‍टर: रमेश सिप्पी
कास्‍ट: धर्मेंद्र, संजीव कुमार, हेमा मालिनी, अमिताभ बच्चन, जया भादुरी, अमजद खान और अन्य
म्यूजिक: आरडी बर्मन
जॉनर: एक्शन एडवेंचर
ड्यूरेशन: 209 मिनट
प्रोड्यूसर: जीपी सिप्पी
भाषा: हिंदी

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