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Russia planning to full ban on whatsapp threatens meta to do as per law affect on india- वॉट्सऐप पर रूस ने क्यों टेढी की आंख, बैन करने की दी चेतावनी, क्या भारत में आप पर भी होगा कोई असर?

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रूस की कम्युनिकेशन रेगुलेटर रोसकॉमनाडज़ोर ने शुक्रवार को एक बार फिर वॉट्सऐप को ब्लॉक करने की धमकी दी है. संस्था का आरोप है कि मेटा के स्वामित्व वाला यह मैसेजिंग ऐप रूस के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है. इस बयान के बाद रूस के कई बड़े शहरों में WhatsApp जाम हो गया था, साथ ही साइबेरिया और उरल्स क्षेत्रों में भी पिछले दिन इसी तरह की समस्याएं रिपोर्ट हुईं.

रूस ने WhatsApp को ब्लॉक करने की धमकी क्यों दी?

रूस की कम्युनिकेशन रेगुलेटर रोसकॉमनाडज़ोर का आरोप है कि WhatsApp का उपयोग देश में आतंकवादी गतिविधियों को आयोजित करने, अपराधियों को भर्ती करने और नागरिकों के खिलाफ धोखाधड़ी जैसी घटनाओं में किया जा रहा है. अगर WhatsApp रूसी कानूनों का पालन नहीं करता है, तो इसे पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया जाएगा.

क्या WhatsApp रूस में पहले से प्रतिबंधित है?

हां, WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta रूस में पहले ही प्रतिबंधित है और इसे ‘अत्यधिक चरमपंथी संगठन’ घोषित किया गया है. यह कदम रूस के यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद उठाया गया.

क्या रूस ने दूसरे मैसेजिंग ऐप्स पर भी कार्रवाई की है?

हां, अगस्त में रोसकॉमनाडज़ोर ने देश के दूसरे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप Telegram पर भी पाबंदी और प्रतिबंध लगाए थे.

रूस के इस कदम के पीछे क्या मकसद हो सकता है?

विशेषज्ञ मानते हैं कि रूस यूज़र्स को Kremlin-मान्य मैसेजिंग सेवा Max की ओर मजबूर कर सकता है. वॉट्सऐप की तरह Max एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड नहीं है और यह रूसी कानून प्रवर्तन के साथ यूज़र का डेटा शेयर करती है.

WhatsApp के खिलाफ यह कार्रवाई क्यों कर रहा रूस?

दरअसल Bloomberg ने अमेरिका के विशेष यूक्रेन दूत स्टीव विटकॉफ और वरिष्ठ रूसी कूटनीतिज्ञ यूरी उशाकोव के बीच फोन पर हुई बातचीत छाप दी थी. में बताया गया कि विटकॉफ ने रूसी अधिकारियों को अमेरिका में समर्थन जुटाने की सलाह दी थी. उशाकोव ने दावा किया कि कुछ बातें वॉट्सऐप पर हुई थे और उसे हैक किया गया होगा. इसी के बाद रूस ने वॉट्सऐप के खिलाफ एक्शन की चेतावनी दी है.

भारत पर क्या होगा असर?
रूस के वॉट्सऐप पर प्रतिबंध का सीधा असर भारत पर नहीं होगा, क्योंकि यह निर्णय सिर्फ रूसी कानून और रूस में काम करने वाले इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स पर लागू होता है. भारत में वॉट्सऐप का इस्तेमाल सामान्य रूप से जारी रहेगा और मेटा को भारतीय नियमों का पालन करना होगा.

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