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UK And US Decline To Sign Global AI Agreement At Paris AI Summit know Why in hindi | ब्रिटेन और अमेरिका ने में ग्‍लोबल AI एग्रीमेंट पर साइन करने से किया इनकार, ये है बड़ी वजह | Hindi news, tech news

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Agency:News18Hindi

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पेर‍िस में हुए AI एक्‍शन समिट में अमेर‍िका और ब्र‍िटेन ने ग्‍लोबल AI एग्रीमेंट पर साइन करने से मना कर द‍िया है. जान‍िये ऐसा क्‍या है इस एग्रीमेंट में और दोनों देशों ने इस पर हस्‍ताक्षर करने से क्‍यों मना कर द‍…और पढ़ें

ब्रिटेन और अमेरिका ने में ग्‍लोबल AI एग्रीमेंट पर साइन करने से किया इनकार

अमेर‍िका और ब्र‍िटेन ने AI एग्रीमेंट पर हस्‍ताक्षर करने से मना कर द‍िया

हाइलाइट्स

  • अमेरिका और ब्रिटेन ने ग्लोबल AI एग्रीमेंट पर साइन करने से मना किया.
  • ब्रिटेन ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण एग्रीमेंट पर साइन नहीं किया.
  • अमेरिका ने AI विकास को प्राथमिकता देते हुए रेगुलेशन को नकारा.

नई द‍िल्‍ली. पेर‍िस में ग्‍लोबल AI एक्‍शन सम‍िट का आयोजन हुआ और सभी देशों ने म‍िलकर AI के इस्‍तेमाल, क्षमताओं, नेशनल सेक्‍योर‍िटी को लेकर एक एग्रीमेंट तैयार क‍िया है. इस एग्रीमेंट पर 60 देशों ने अपने हस्‍ताक्षर कर द‍िए हैं, इसमें चीन और भारत भी शाम‍िल हैं. लेक‍िन अमेर‍िका और ब्र‍िटेन ने इस AI एग्रीमेंट पर साइन करने से मना कर द‍िया है.

ये एग्रीमेंट बेस‍िकली AI डेवलपमेंट को लेकर देशों के एथ‍िकल अप्रोच को लेकर है. लेक‍िन अमेर‍िका और ब्र‍िटेन इस एग्रीमेंट पर हस्‍ताक्षर क्‍यों नहीं क‍िए? क्‍या उन्‍हें इस एग्रीमेंट में कोई खतरा नजर आ रहा है? ऐसा क्‍या है इस एग्रीमेंट में, आइये जान लेते हैं.

यह भी पढ़ें : सेक्‍योर‍िटी र‍िसर्च करने वालों ने चेताया, चीन का DeepSeek है दुन‍िया का ‘सबसे खतरनाक’ चैटबॉट

राष्ट्रीय सुरक्षा और शासन संबंधी चिंताएं
ब्रिटेन की सरकार ने समझौते पर हस्ताक्षर न करने की जो सबसे बडी वजह बताई है, वह ये है क‍ि राष्ट्रीय सुरक्षा पर AI का प्रभाव अनिश्चितताओं से घ‍िरा हुआ है. उन्‍होंने ये तर्क दिया कि एग्रीमेंट में ग्‍लोबल एआई गर्वनेंस का प्रॉपर इस्‍टैबल‍िशमेंट के बारे में ठीक से नहीं बताया गया है. हालांक‍ि इससे पहले ब्र‍िटेन हमेशा AI सेफ्टी को लेकर काफी कुछ कहता रहा है. उसने साल 2023 में पहले AI सेफ्टी सम‍िट की मेजबानी भी की थी, लेक‍िन ऐसा लगता है क‍ि धीरे-धीरे उसका फोकस बदल रहा है.

ये कहे जाने पर क‍ि ब्र‍िटेन ने अमेर‍िका से प्रभाव‍ित होकर इस इस एग्रीमेंट पर हस्‍ताक्षर नहीं क‍िए हैं. इस पर ब्र‍िटेन सरकार के प्रवक्‍ता ने कहा क‍ि ये अमेर‍िका के बारे में नहीं है. ये हमारे नेशनल इंटरेस्‍ट की बात है और हम चाहते हैं क‍ि मौका और सुरक्षा दोनों के ब‍ीच बैलेंस रहे.

अमेरिका ने रेगुलेशन के बजाय एआई डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी
दूसरी ओर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस पर बहुत ही स्पष्ट रूप से कहा कि रेगुलेशन को लेकर अत्यधिक व्यापक व्यवस्था क‍िसी ट्रांसफॉर्मेट‍िव इंडस्‍ट्री को उसी वक्‍त मार देती है, जब वह आगे बढ़ रहा हो. उन्होंने कहा कि ट्रम्प प्रशासन के दृष्टिकोण से, AI इतना बड़ा आर्थिक अवसर है कि विकास को बाधित करने वाली किसी भी नीति पर विचार नहीं किया जाना चाहिए.

क्‍या कहता है AI एग्रीमेंट?
ज‍िस एग्रीमेंट पर 60 देशों ने हस्‍ताक्षर क‍िए हैं, उसमें कहा गया है क‍ि एआई की एक्‍सेसब‍िल‍िटी को बढ़ावा देकर डिजिटल विभाजन को कम क‍िया जाए और ये भी सुनिश्चित किया जाए क‍ि तकनीक का विकास पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद हो. एग्रीमेंट की प्रायोर‍िटी में ये बात भी है क‍ि AI को ऐसे तैयार क‍िया जाए, जो लोगों और ग्रहों के ल‍िए एक्‍सेसबल हो.

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