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महिला प्रीमियर लीग में शनिवार (15 फरवरी) को गए मुकाबले में रन आउट के विवादास्पद फैसले से बवाल मच गया था. अब इसके नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं. आइए जानते हैं वो नियम क्या है.
बवाल मचने के बाद बदले नियम.
नई दिल्ली. महिला प्रीमियर लीग में शनिवार (15 फरवरी) को गए मुकाबले में रन आउट के विवादास्पद फैसले से बवाल मच गया था. मुंबई इंडियंस के खिलाफ दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने जीत हासिल की. थर्ड अंपायर गायत्री वेणुगोपालन ने दिल्ली की तीन बल्लेबाजों राधा यादव, अरुंधति रेड्डी और शिखा पांडे को गिल्लियों की लाइट जलने के बावजूद नॉट आउट करार दिया था.
वूमेंस प्रीमियर लीग के नियमों में अब बदलाव किया गया है. ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार, डब्ल्यूपीएल 2025 में नियम में बदलाव एलईडी बेल्स को लेकर होंगे. पहले एलईडी बेल्स जलने पर ही बल्लेबाज को आउट या नॉट आउट दे दिया जाता था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब जब तक स्टंप से बेल्स गिरेगी नहीं तब तक बल्लेबाज को रन आउट नहीं दिया जाएगा.
बता दें किडीसी बनाम एमआई क्लैश के अंतिम ओवरों में बल्लेबाज के क्रीज पर पहुंचने से पहले एलईडी स्टंप जलने के बावजूद थर्ड अंपायर गायत्री वेणुगोपालन ने तीन रन आउट को नॉट आउट करार दिया था. तीनों फैसले दिल्ली कैपिटल्स के पक्ष में गए थे. शिखा पांडे की रन आउट अपील तीन घटनाओं में से पहली घटना थी.
भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज ने भी मैच की कमेंट्री करते हुए कहा था कि अरुंधति और राधा यादव के मामले में फैसला मुंबई के पक्ष में जाना चाहिए था. आरसीबी के पूर्व क्रिकेट निदेशक माइक हेसन ने भी अंपायर के फैसले पर अविश्वास जताया था. जांच में पता चला था कि मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ियों को पहले से इस नियम के बारे में नहीं पता था.
New Delhi,New Delhi,Delhi
February 17, 2025, 22:16 IST
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