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Year Ender 2025: नए साल की शुरुआत अनोखे नजारे के साथ, यहां आसमान नहीं, झरने में बनता है इंद्रधनुष

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आपने आजतक बारिश के बाद आसमान में इंद्रधनुष देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी रेनबो वॉटरफॉल देखा है? अगर नहीं, तो आपको हवाई जाकर इस चमत्कार को जरूर देखना चाहिए.

यहां आसमान नहीं, झरने में बनता है इंद्रधनुष, दूर-दूर से देखने आते हैं लोगसूरज की रोशनी और पानी के मिलन से दिखता है अद्भुत नजारा (इमेज- फाइल फोटो)

हवाई में एक ऐसा झरना है जहां आसमान में नहीं, बल्कि झरने के अंदर ही पूरा इंद्रधनुष बनता है. जी हां, सही पढ़ा आपने. एक ऐसा झरना, जिसके अंदर बनता है पूरा का पूरा इंद्रधनुष. इसका नाम है रेनबो फॉल्स, जिसे लोग प्यार से रेनबो वॉटरफॉल भी कहते हैं. ये अनोखा नजारा अमेरिका के हवाई द्वीप के बिग आइलैंड पर हिलो शहर के पास स्थित है.

हर सुबह जब सूरज पूर्व से निकलता है और उसकी किरणें 80 फीट ऊंचे इस झरने के पानी पर पड़ती हैं, तो झरने के अंदर ही सात रंगों का पूरा गोलाकार इंद्रधनुष बन जाता है. ये दृश्य इतना खूबसूरत और दुर्लभ है कि दुनिया भर के फोटोग्राफर और टूरिस्ट सुबह 7 बजे से पहले ही कैमरे लेकर लाइन लगा देते हैं. वाइलुकु नदी से गिरता ये झरना हिलो शहर से महज 2 किलोमीटर दूर है.

ऐसे बनता है इंद्रधनुष
80 फीट (लगभग 24 मीटर) की ऊंचाई से पानी जब चट्टानों पर टकराता है तो हवा में लाखों छोटी-छोटी पानी की बूंदें उड़ती हैं. इन्हीं बूंदों में सूरज की किरणें टूटती हैं और पूरा स्पेक्ट्रम (VIBGYOR) झरने के अंदर चमकने लगता है. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि इंद्रधनुष सिर्फ सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच ही दिखता है, क्योंकि इसी समय सूरज की स्थिति एकदम सही होती है. दोपहर होते-होते कोण बदल जाता है और जादू गायब हो जाता है. स्थानीय लोग बताते हैं कि पुराने जमाने में हवाईयन इसे पवित्र मानते थे. मान्यता है कि झरने के पीछे बनी गुफा में देवी हिना रहती थीं, जो इंद्रधनुष की मां मानी जाती हैं. इसी वजह से झरने का मूल नाम “वाइआनुएनुए” है, जिसका मतलब होता है “हर बार घूमता हुआ पानी”. लेकिन आज दुनिया इसे सिर्फ रेनबो फॉल्स के नाम से जानती है.

बेहद ख़ास है ये झरना
इस झरने की खासियत ये भी है कि बारिश के मौसम में पानी का बहाव बढ़ जाता है और इंद्रधनुष और भी चटक और बड़ा दिखता है. कई बार तो दोहरे इंद्रधनुष भी बन जाते हैं. ऊपर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे कोई सात रंगों का परदा झरने के सामने लटक रहा हो. हिलो इंटरनेशनल एयरपोर्ट से महज 10 मिनट की ड्राइव है. यहां पार्किंग फ्री है, एंट्री फ्री है और देखने के लिए दो प्लेटफॉर्म बने हैं. एक ऊपर से पूरा नजारा दिखाता है, दूसरा नीचे जाकर झरने के करीब ले जाता है. लेकिन यहां सावधानी जरूरी है. चट्टानें फिसलन भरी होती हैं और पानी में उतरना सख्त मना है. 2025 में भी ये जगह टॉप टूरिस्ट स्पॉट बनी हुई है.

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Sandhya Kumari

न्यूज 18 में बतौर सीनियर सब एडिटर काम कर रही हूं. रीजनल सेक्शन के तहत राज्यों में हो रही उन घटनाओं से आपको रूबरू करवाना मकसद है, जिसे सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है. ताकि कोई वायरल कंटेंट आपसे छूट ना जाए.

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यहां आसमान नहीं, झरने में बनता है इंद्रधनुष, दूर-दूर से देखने आते हैं लोग

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