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Agency:News18 Jharkhand
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Ajab Gajab News: अंग्रेजों के साधु बनने की कहानी तो आपने कई बार सुनी होगी. लेकिन, एक अंग्रेज डॉक्टर का अध्यात्म में प्रवेश करना हैरान करने वाला है. बोकारो में पहुंचे इस अंग्रेज ने जब अपनी कहानी सुनाई तो लोग आंख…और पढ़ें
इंग्लैंड के रोड्स कि तस्वीर
हाइलाइट्स
- अंग्रेज डॉक्टर रोड्स की हिमालय पर बदली जिंदगी
- नाम बदलकर रोहित रखा, योग और साधना में रुचि
- अब महाकुंभ जाने की तैयारी, वहां करेंगे ये काम
बोकारो: एक विदेशी डॉक्टर भारत घूमने आए. घूमते-घूमते हिमालय पर जा पहुंचे. वहां उनकी मुलाकात एक साधु से हो गई. फिर डॉक्टर की जिंदगी ऐसी बदली कि उन्होंने भगवा पहन लिया. नाम भी बदलकर रोड्स से रोहित कर लिया. शाकाहारी बन गए. यहां तक की कोलकाता में योग सीखने लगे और अब प्रयागराज महाकुंभ में जाने की तैयारी है.
बोकारो पहुंचे रोड्स ऊर्फ रोहित ने बताया कि इंग्लैंड में डॉक्टर की डिग्री लेने के बाद घूमने निकले और आज पश्चिम बंगाल के आनंद नगर में योग और साधना की ट्रेनिंग ले रहे हैं. योग में गहरी रुचि होने के कारण उन्होंने साधु का जीवन अपना लिया है. चास बाजार में फलों की खरीदारी करने आए रोड्स ने बताया कि कैसे वह रोड्स से रोहित बने.
रोड्स ने बताया, वह मूल रूप से इंग्लैंड से हैं और डॉक्टर की पढ़ाई कर चुके हैं. हालांकि, उन्होंने कभी प्रैक्टिस नहीं की, क्योंकि उन्हें घूमने का शौक था. घूमते-घूमते वह भारत पहुंचे और 1998 में वह हिमालय के एक योगी से मिले. उस मुलाकात के दौरान वह योग और साधना से बेहद प्रेरित हुए. वर्तमान में वह आनंद मार्ग में गुरु से योग और साधना सीख रहे हैं.
खाने में रसगुल्ला बहुत पसंद
आगे बताया, मैंने अपना नया नाम रोहित रखा है. सनातन धर्म को लेकर उन्होंने बताया कि उन्हें सनातन धर्म की सच्चाई और आध्यात्मिकता बेहद आकर्षित करती है. योग और साधना के जरिए जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस कर रहे हैं. वहीं, भारतीय खान-पान को लेकर बताया कि वह शाकाहारी हैं. भारतीय व्यंजनों में डोसा, समोसा, बिरयानी और बंगाली रसगुल्ले उन्हें बेहद पसंद हैं.
योग करने का ये लक्ष्य
वहीं, गाड़ियों के प्रति अपने प्रेम को लेकर बताया कि उन्हें भारत की रॉयल एनफील्ड बुलेट और बजाज चेतक स्कूटर चलाना बेहद पसंद है. रोड्स ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य योग और साधना के माध्यम से मोक्ष प्राप्त करना है, ताकि अंत में वह समाधि में जा सके.
मैं साधु बनना चाहता हूं…
वहीं अपने परिवार के बारे में बात करते हुए बताया कि उनकी मां, भाई और बहन हैं. जो उन्हें एक ट्रैवलर के रूप में देखते हैं. हालांकि, यह उनका निजी निर्णय है और वह योग और साधना का मार्ग अपनाकर साधु बनना चाहते हैं. वहीं, महाकुंभ के बारे में बताया कि उन्होंने इसके बारे में बहुत सुना है और उन्हें वहां जाने की इच्छा है. अंत में रोड्स ने लोगों को संदेश दिया है कि सभी लोगों को योग और मेडिटेशन करना चाहिए.
Bokaro,Jharkhand
January 25, 2025, 09:38 IST
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