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Meesho Share Price: मीशो के शेयर 10 दिसंबर को लिस्ट हुए थे. Meesho IPO में लोगों ने जमकर पैसा लगाया था और यह 79 गुना सब्सक्राइब हुआ था. मीशो शेयर ने निवेशकों को 46 फीसदी लिस्टिंग गेन दिया. लिस्टिंग के बाद भी इसमें तेजी जारी है.
ब्रोकरेज ने इस शेयर में जोरदार उछाल आने की संभावना जताई है. नई दिल्ली. इसी महीने शेयर बाजार में लिस्ट हुई ई-कॉमर्स सेक्टर की कंपनी मीशो (Meesho) के शेयर ने बाजार में तहलका मचा रखा है. बुधवार, 17 दिसंबर को कंपनी के शेयरों ने लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में नया रिकॉर्ड लेवल छुआ. बुधवार को स्टॉक में 20 फीसदी का अपर सर्किट लगा और यह 216.35 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. मीशो का आईपीओ प्राइस 111 रुपये था. यानी आईपीओ निवेशकों को अब तक 95 फीसदी भारी रिटर्न मिल चुका है. पिछले तीन दिनों इस शेयर में रैली जारी है. ब्रोकरेज हॉउस यूबीएस ने ने मीशो शेयर पर ‘BUY‘ की रेटिंग दी है.
मीशो के शेयर 10 दिसंबर को लिस्ट हुए थे. Meesho IPO में लोगों ने जमकर पैसा लगाय था और यह 79 गुना सब्सक्राइब हुआ था. मीशो आईपीओ का अपर प्राइस बैंड ₹111 रुपये था और यह शेयर बाजार में 46% प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुआ. बीएसई पर पहले कारोबारी दिन यह ₹170.20 यानी आईपीओ प्राइस के मुकाबले 53.33% की बढ़त के साथ बंद हुआ. Meesho IPO में लोगों ने जमकर पैसा लगाय था औ यह 79 गुना सब्सक्राइब हुआ था.
Meesho शेयर टारगेट प्राइस
यूबीएसी ने मीशो शेयर को ‘BUY‘ रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस 230 रुपये तय किया है. ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मीशो का एसेट-लाइट और नेगेटिव वर्किंग कैपिटल वाला बिज़नेस मॉडल कंपनी को पॉजिटिव कैश फ्लो पैदा करने में सक्षम बनाता है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 से वित्त वर्ष 2029-30 के बीच मीशो की नेट मर्चेंडाइज वैल्यू (NMV) में 30% की CAGR से बढ़ेगी. ब्रोकरेज के मुताबिक, यह ग्रोथ सालाना ट्रांजैक्टिंग यूजर्स की संख्या में तेज इजाफे के बदौलत आएगी.
ई-कॉमर्स बाजार पर मजबूत पकड़
मीशो 2015 में शुरू हुई थी और भारतीय ई-कॉमर्स बाजार पर यह मजबूत पकड़ रखती है. मीशो की खासियत इसका अनोखा बिजनेस मॉडल है, जो न केवल ग्राहकों (Consumers) और विक्रेताओं (Sellers) को जोड़ता है, बल्कि लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी एक बड़ा इकोसिस्टम तैयार करता है. कंपनी की कमाई (Total Income) सालाना करीब 30% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 9,900.90 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.
हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर अभी भी उतार-चढ़ाव जारी है. वित्त वर्ष 2023 में कंपनी को 1,671.90 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था. वित्त वर्ष 2024 में यह घाटा घटाकर मात्र 327.64 करोड़ रुपये रह गया लेकिन वित्त वर्ष 2025 यह फिर बढ़कर 3,941.71 करोड़ रुपये हो गया.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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